गोवा में हाल की सिफ़ारिशें
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एक पैनल ने गोवा में एक नया टाइगर रिज़र्व नोटिफ़ाई करने का सुझाव दिया है। सिफ़ारिश में कोटिगाओ वाइल्डलाइफ़ सैंक्चुअरी और नेत्रावली वाइल्डलाइफ़ सैंक्चुअरी को कोर एरिया के तौर पर प्रपोज़ किया गया है। इसमें दूधसागर वॉटरफ़ॉल के लिए मशहूर भगवान महावीर नेशनल पार्क को बफ़र ज़ोन के तौर पर भी पहचाना गया है।
यह लैंडस्केप कर्नाटक के काली टाइगर रिज़र्व के पास है, जो एक ज़रूरी इंटरस्टेट वाइल्डलाइफ़ कॉरिडोर बनाता है।
टाइगर रिज़र्व को समझना
भारत में टाइगर रिज़र्व वाइल्डलाइफ़ (प्रोटेक्शन) एक्ट, 1972 के तहत बनाए गए हैं। इनका मकसद टाइगर, उनके शिकार और आस-पास के इकोसिस्टम की रक्षा करना है।
स्टेटिक GK फैक्ट: भारत में पहला टाइगर रिज़र्व कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व था, जिसे 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत बनाया गया था।
लीगल फ्रेमवर्क
राज्य सरकारें नेशनल टाइगर कंज़र्वेशन अथॉरिटी (NTCA) की सलाह के आधार पर टाइगर रिज़र्व को नोटिफ़ाई करती हैं। NTCA एक कानूनी संस्था है जो वाइल्डलाइफ़ (प्रोटेक्शन) एक्ट के 2006 के अमेंडमेंट के तहत बनी है।
पर्यावरण और वन मंत्री NTCA के चेयरपर्सन के तौर पर काम करते हैं।
स्टेटिक GK टिप: NTCA को सरिस्का टाइगर संकट (2004) के बाद बनाया गया था, जहाँ शिकार के कारण सभी टाइगर गायब हो गए थे।
भारत में टाइगर रिज़र्व की मौजूदा स्थिति
भारत में अभी 58 टाइगर रिज़र्व हैं, जिनमें सबसे नया मध्य प्रदेश में माधव टाइगर रिज़र्व है। ये रिज़र्व सेंट्रल इंडिया, वेस्टर्न घाट, नॉर्थईस्ट और हिमालय की तलहटी में ज़रूरी हैबिटैट में फैले हुए हैं।
टाइगर रिज़र्व कोर (अछूता हैबिटैट) और बफ़र (सस्टेनेबल इस्तेमाल वाला एरिया) ज़ोन के स्ट्रक्चर को फ़ॉलो करते हैं। इकोलॉजिकल महत्व
टाइगर रिज़र्व जंगल की सेहत बनाए रखने, वॉटरशेड की सुरक्षा करने और बायोडायवर्सिटी को सपोर्ट करने में मदद करते हैं। वे कार्बन सिंक के तौर पर भी काम करते हैं, जिससे क्लाइमेट को कम करने में मदद मिलती है।
स्टैटिक GK फैक्ट: भारत में दुनिया की 75% से ज़्यादा टाइगर आबादी है, जो इसे बड़ी बिल्लियों के संरक्षण में ग्लोबल लीडर बनाता है।
टाइगर संरक्षण में गोवा का महत्व
गोवा के जंगल वेस्टर्न घाट का हिस्सा हैं, जो UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट है और अपनी रिच बायोडायवर्सिटी के लिए जाना जाता है। प्रस्तावित रिज़र्व कर्नाटक के काली टाइगर रिज़र्व के साथ कनेक्टिविटी बढ़ाता है, जिससे टाइगर जैसी अलग-अलग तरह की प्रजातियों के लिए सुरक्षित रास्ता मज़बूत होता है।
इससे वेस्टर्न घाट में लैंडस्केप-लेवल पर संरक्षण बेहतर हो सकता है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| Topic | Detail |
| समिति की सिफारिश | गोवा में एक टाइगर रिज़र्व बनाने का प्रस्ताव |
| कोर क्षेत्र | कोटिगांव और नेत्रावली वन्यजीव अभयारण्य |
| बफ़र ज़ोन | भगवान महावीर राष्ट्रीय उद्यान |
| समीपवर्ती रिज़र्व | काली टाइगर रिज़र्व (कर्नाटक) |
| लागू होने वाला कानून | वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 |
| सलाहकार संस्था | NTCA |
| NTCA के अध्यक्ष | पर्यावरण एवं वन मंत्री |
| भारत में कुल टाइगर रिज़र्व | 58 |
| नवीनतम टाइगर रिज़र्व | माधव, मध्य प्रदेश |
| प्रमुख पारिस्थितिक भूमिका | आवास सुरक्षा, जैव विविधता, जलसंभर संरक्षण |





