असम की उत्कृष्टता का सम्मान
Sons of the Soil Awards 2025 ने असम की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाते हुए उन व्यक्तियों को सम्मानित किया जिनके कार्य राज्य की दृढ़ता, सांस्कृतिक गर्व और प्रगति को दर्शाते हैं। गुवाहाटी में आयोजित इस समारोह में केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने युवा उभरते achievers, अनुभवी योगदानकर्ताओं और सामाजिक प्रभाव वाले नेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। Care Luit द्वारा आयोजित इस पहल ने उन लोगों को सामने लाया जो विविध क्षेत्रों में असम की पहचान को आकार दे रहे हैं।
उभरते प्रतिभागी: एक नए असम की दिशा
पांच युवा achievers को उत्कृष्टता और नवाचार के लिए Emerging Achievers Award प्राप्त हुआ। उनका कार्य एक प्रगतिशील और आकांक्षी असम के नए चेहरे का प्रतिनिधित्व करता है। सुक्रिता बरूआ को मीडिया और संचार में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। संघमित्रा कालिता को उद्यमशील नेतृत्व के लिए पहचान मिली। इशरानी बरूआ ने खेल क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं। हिमज्योति तलुकदार ने कला और संस्कृति में असम की परंपरा को आगे बढ़ाया। डॉ. देबजानी बोरा को संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।
Static GK fact: असम में UNESCO द्वारा मान्यता प्राप्त काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान है, जो एक-सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध है।
आजीवन योगदान के लिए सम्मान
समारोह में पाँच विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया, जिनके दीर्घकालिक योगदानों ने असम की सांस्कृतिक और संस्थागत प्रगति को मजबूती दी है। अरुण नाथ को कला क्षेत्र में दशकों की सेवा के लिए सम्मान मिला। रवि शंकर रवि ने मीडिया और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान दिया। मैनुद्दीन अहमद को खेल क्षेत्र में मार्गदर्शन और सेवा के लिए पहचाना गया। लखीमी बारूआ को महिलाओं द्वारा संचालित बैंकिंग पहल की स्थापना के लिए सम्मानित किया गया। सीमंता दास को जनसेवा में प्रभावशाली भूमिका के लिए सम्मान मिला।
Static GK Tip: लखीमी बारूआ की पहल के तहत असम महिलाओं द्वारा संचालित सहकारी बैंक स्थापित करने वाला भारत का पहला राज्य बना।
सामाजिक क्षेत्र विकास में प्रभावशाली योगदान
दो प्रमुख योगदानकर्ताओं को सामाजिक परिवर्तन में उनकी भूमिका के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. आलका शर्मा को शिक्षा और महिला सशक्तिकरण में उनके दीर्घकालिक कार्य के लिए सम्मान मिला। अक्षर फाउंडेशन को उसके नवाचारपूर्ण शिक्षा मॉडल के लिए सराहा गया, जिसने सतत विकास आधारित शिक्षण पद्धति से बच्चों के जीवन में परिवर्तन लाया।
Static GK fact: 2011 की जनगणना के अनुसार असम की साक्षरता दर 72.19 प्रतिशत है।
पुरस्कारों को समझना
Sons of the Soil Awards की स्थापना 2016 में की गई थी, जिसका उद्देश्य असम की रचनात्मकता, आत्मा और सामाजिक समर्पण को दर्शाने वाले व्यक्तियों को सम्मान देना है। 2025 का संस्करण इसका पाँचवाँ द्विवार्षिक आयोजन है, जो उत्कृष्टता और सामुदायिक नेतृत्व को पहचानने वाला एक प्रमुख मंच बन चुका है। पुरस्कारों की श्रेणियों में उभरते प्रतिभागी, आजीवन उपलब्धि और सामाजिक क्षेत्र विकास शामिल हैं, जो असम की सांस्कृतिक और विकासात्मक पहचान को मजबूत करते हैं।
Static GK Tip: असम भारत का सबसे बड़ा चाय उत्पादक राज्य है, जो देश की कुल चाय उत्पादन का 50 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है।
स्टैटिक उस्तादियन करंट अफेयर्स टेबल
| विषय | विवरण |
| पुरस्कार का नाम | Sons of the Soil Awards |
| संस्करण | 5वां द्विवार्षिक 2025 |
| आयोजक | Care Luit |
| स्थान | गुवाहाटी |
| मुख्य प्रस्तोता | केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल |
| उभरते achievers | सुक्रिता बरूआ, संघमित्रा कालिता, इशरानी बरूआ, हिमज्योति तलुकदार, डॉ. देबजानी बोरा |
| आजीवन पुरस्कार प्राप्तकर्ता | अरुण नाथ, रवि शंकर रवि, मैनुद्दीन अहमद, लखीमी बारूआ, सीमंता दास |
| सामाजिक क्षेत्र सम्मान | डॉ. आलका शर्मा, अक्षर फाउंडेशन |
| स्थापना वर्ष | 2016 |
| पुरस्कार श्रेणियाँ | Emerging Achievers, Lifetime Achievement, Social Sector Development |





