पहल का शुभारंभ
अन्बु सोलै योजना तमिलनाडु की सामाजिक देखभाल व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सुधार है। इस पहल का शुभारंभ 10 नवम्बर 2025 को तिरुचिरापल्ली में मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। यह मॉडल वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित, सुलभ और गतिविधि-समृद्ध स्थान बनाने पर केंद्रित है।
स्थिर सामान्य ज्ञान तथ्य: माता-पिता तथा वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम 2007, भारत में वरिष्ठ नागरिक कल्याण का वैधानिक आधार है।
अन्बु सोलै का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, सामाजिक सहभागिता और मानसिक-सामाजिक सुरक्षा को बढ़ाना है, विशेषकर उन परिवारों के लिए जहाँ दिनभर कामकाजी सदस्य घर से बाहर रहते हैं। इन केंद्रों में संरचित डे-केयर व्यवस्था प्रदान की जाती है जिससे अकेलेपन में कमी आती है और सामुदायिक जुड़ाव बढ़ता है।
स्थिर सामान्य ज्ञान टिप: भारत में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या 2031 तक लगभग 19.4 करोड़ होने का अनुमान है, जिससे सहायक सेवाओं की आवश्यकता बढ़ जाएगी।
राज्यभर में केंद्रों का विस्तार
तमिलनाडु के सामाजिक कल्याण और महिला सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत कुल 25 केंद्र स्थापित किए गए हैं। यह व्यापक कवरेज कई जिलों में पहुंच सुनिश्चित करता है। सरकार ने जन-प्रतिक्रिया और उपयोगिता के आधार पर आगे विस्तार की योजना बनाई है।
स्थिर सामान्य ज्ञान तथ्य: जनगणना अनुमानों के अनुसार तमिलनाडु, भारत के उन राज्यों में अग्रणी है जहाँ वरिष्ठ नागरिकों का प्रतिशत सर्वाधिक है।
उपलब्ध सुविधाएँ
अन्बु सोलै केंद्र वरिष्ठ नागरिकों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए विविध सेवाएँ प्रदान करते हैं। इनमें अंतर्गृह खेल, फिजियोथेरेपी, हस्तशिल्प प्रशिक्षण, नाश्ता और दोपहर का भोजन शामिल है।
फिजियोथेरेपी इकाई विशेष रूप से आवश्यक है क्योंकि बढ़ती उम्र में गतिशीलता संबंधी समस्याएँ आम होती हैं। हस्तशिल्प प्रशिक्षण रचनात्मकता और कौशल को सक्रिय रखता है, जिससे प्रतिभागी दिनभर व्यस्त और मानसिक रूप से स्वस्थ रहते हैं।
भौगोलिक वितरण
पहले चरण में राज्य की 10 नगर निगम सीमाओं में प्रत्येक में दो केंद्र स्थापित किए गए। इसके अतिरिक्त, महानगर चेन्नई में तीन केंद्र खोले गए — शोलिंगानल्लूर, टोंडियारपेट और विरुगम्बक्कम में। यह चरणबद्ध वितरण महानगरीय तथा क्षेत्रीय दोनों इलाकों में संतुलित पहुँच सुनिश्चित करता है।
स्थिर सामान्य ज्ञान टिप: ग्रेटर चेन्नई निगम 1688 में स्थापित भारत का सबसे पुराना नगर निगम है।
सामाजिक प्रभाव
अन्बु सोलै केंद्र कामकाजी परिवारों के बोझ को कम करते हैं, जो वरिष्ठजनों की देखभाल और रोज़गार के बीच संतुलन बनाना कठिन पाते हैं। इस पहल से वरिष्ठ नागरिकों में गरिमा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता बढ़ती है। यह समुदाय में पीढ़ियों के बीच सौहार्द भी बढ़ाता है।
स्थिर उस्तादियन वर्तमान मामलों की तालिका
| विषय | विवरण |
| शुभारंभ तिथि | 10 नवम्बर 2025 |
| शुभारंभ स्थान | तिरुचिरापल्ली |
| कुल केंद्र | 25 |
| विभाग | सामाजिक कल्याण और महिला सशक्तिकरण विभाग |
| मुख्य लाभार्थी | कामकाजी परिवारों के वरिष्ठ नागरिक |
| प्रमुख सुविधाएँ | अंतर्गृह खेल, फिजियोथेरेपी, हस्तशिल्प प्रशिक्षण, नाश्ता, दोपहर भोजन |
| चरण 1 वितरण | 10 नगर निगम क्षेत्रों में दो-दो केंद्र |
| चेन्नई केंद्र | शोलिंगानल्लूर, टोंडियारपेट, विरुगम्बक्कम |
| उद्देश्य | वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, सहभागिता और कल्याण को बढ़ाना |
| राज्य | तमिलनाडु |





