वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में भारत प्रमुख शक्ति के रूप में
भारत वैश्विक ऊर्जा खपत का एक केंद्रीय चालक बनकर उभर रहा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने 2035 तक जीवाश्म ईंधन और स्वच्छ ऊर्जा दोनों में तेज वृद्धि का अनुमान लगाया है। बढ़ती आय, शहरीकरण और आधुनिक ईंधनों की उपलब्धता भारत को वैश्विक ऊर्जा मानचित्र पर एक निर्णायक स्थान दे रही है।
स्थिर जीके तथ्य: IEA (International Energy Agency) की स्थापना 1974 में हुई और इसका मुख्यालय पेरिस में है।
तेल की बढ़ती मांग
Global Energy Outlook 2025 के अनुसार, भारत 2035 तक वैश्विक तेल मांग वृद्धि में सबसे बड़ा योगदानकर्ता होगा। भारत की तेल खपत 2024 के 5.5 mbpd (मिलियन बैरल प्रति दिन) से बढ़कर 2035 तक लगभग 8 mbpd होने का अनुमान है।
इस वृद्धि के प्रमुख कारण हैं:
• वाहन स्वामित्व में बढ़ोतरी
• एविएशन क्षेत्र का विस्तार
• पेट्रोकेमिकल उद्योग की वृद्धि
• खाना पकाने के लिए LPG का व्यापक उपयोग
दुनिया की अतिरिक्त तेल मांग का लगभग आधा हिस्सा अकेले भारत से आने की संभावना है।
बढ़ती आयात निर्भरता और रिफाइनिंग क्षमता
भारत की कच्चे तेल पर आयात निर्भरता 2024 के 87% से बढ़कर 2035 तक लगभग 92% हो सकती है। हालांकि, भारत की रिफाइनिंग क्षमता भी 6 mbpd से बढ़कर लगभग 7.5 mbpd होने जा रही है, जिससे भारत परिवहन ईंधन का एक बड़ा निर्यातक और वैश्विक बाजार का महत्वपूर्ण आपूर्ति केंद्र बनेगा।
स्थिर जीके टिप: गुजरात स्थित जामनगर रिफाइनरी विश्व की सबसे बड़ी रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स है।
प्राकृतिक गैस और कोयले की बढ़ती आवश्यकताएँ
प्राकृतिक गैस की खपत 2035 तक दोगुनी होकर लगभग 140 bcm तक पहुंच सकती है। LNG आयात भी बढ़कर लगभग 50 bcm तक पहुंच सकता है।
कोयले की मांग में मध्यम वृद्धि देखी जाएगी, जिसे गैवरा कोयला खदान विस्तार जैसे प्रोजेक्ट समर्थन देंगे। इससे बिजली और औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और कोयला आयात की वृद्धि को धीमा किया जा सकेगा।
स्थिर जीके तथ्य: भारत दुनिया में चौथे सबसे बड़े कोयला भंडार वाला देश है।
स्वच्छ ऊर्जा की तेजी
भारत ने 2030 से पहले ही अपनी 50% गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता का लक्ष्य पार कर लिया है। 2035 तक लगभग 70% स्थापित क्षमता गैर-जीवाश्म स्रोतों से आने की उम्मीद है।
सौर और पवन ऊर्जा सबसे बड़े योगदानकर्ता होंगे। 2040 के आसपास भारत के कार्बन उत्सर्जन के चरम पर पहुंचने का अनुमान है, जबकि 2070 नेट-जीरो लक्ष्य दीर्घकालिक नीति का आधार बना रहेगा।
एथेनॉल मिश्रण, परमाणु ऊर्जा में वृद्धि, बैटरी स्टोरेज में सुधार और ट्रांसमिशन नेटवर्क उन्नयन इस ऊर्जा संक्रमण को स्थिर बनाएंगे।
स्थिर जीके तथ्य: भारत का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र 1969 में महाराष्ट्र के तारापुर में स्थापित किया गया था।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| तेल मांग अनुमान | भारत 2035 तक लगभग 8 mbpd तक पहुंचने की संभावना |
| वैश्विक तेल मांग में भारत की हिस्सेदारी | अतिरिक्त वैश्विक मांग का लगभग आधा हिस्सा भारत से |
| तेल आयात निर्भरता | 2035 तक लगभग 92% होने का अनुमान |
| रिफाइनिंग क्षमता | लगभग 7.5 mbpd तक विस्तार |
| प्राकृतिक गैस मांग | 2035 तक लगभग 140 bcm तक |
| LNG आयात | लगभग 50 bcm तक पहुँचने की संभावना |
| कोयला मांग | घरेलू खनन विस्तार के साथ मध्यम वृद्धि |
| गैर-जीवाश्म क्षमता | 2035 तक लगभग 70% स्थापित क्षमता |
| उत्सर्जन चरम वर्ष | लगभग 2040 |
| नेट-जीरो लक्ष्य | वर्ष 2070 |





