IIP क्या है?
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (Index of Industrial Production – IIP) एक महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतक है जो भारत के खनन, विनिर्माण और बिजली क्षेत्रों के उत्पादन में होने वाले बदलावों को मापता है।
यह मासिक डेटा प्रदान करता है और अल्पकालिक औद्योगिक वृद्धि का आकलन करने में अत्यंत उपयोगी है।
MoSPI हर महीने IIP को संकलित और जारी करता है, जिससे यह भारत के आर्थिक प्रदर्शन का एक प्रमुख संकेतक बन जाता है।
स्थिर जीके तथ्य: पहला IIP 1937 में जारी हुआ था, जिसका आधार वर्ष 1937 ही था। इसके बाद औद्योगिक संरचना में बदलावों के कारण इसे कई बार संशोधित किया गया।
IIP का उपयोग औद्योगिक क्षेत्र की सकल मूल्य वर्धन (GVA) की गणना में भी किया जाता है और यह नीति-निर्माताओं को आर्थिक गतिविधियों के रुझानों का विश्लेषण करने में मदद करता है।
संशोधन की आवश्यकता
IIP के आधार वर्ष का समय-समय पर संशोधन इसलिए किया जाता है ताकि यह नवीनतम उत्पादन पैटर्न, औद्योगिक तकनीकों और आर्थिक संरचना को सही तरीके से दर्शा सके।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) अब IIP का आधार वर्ष 2022-23 कर रहा है, ताकि यह GDP और CPI जैसी अन्य श्रृंखलाओं के साथ संरेखित हो सके।
स्थिर जीके टिप: वर्तमान में IIP का आधार वर्ष 2011-12 है। सामान्यतः हर 8–10 वर्षों में आधार वर्ष बदला जाता है।
संशोधन में प्रमुख परिवर्तन
1. आधार वर्ष संरेखण
नई IIP श्रृंखला में 2022-23 को आधार वर्ष बनाया जाएगा। इससे भारत के औद्योगिक विकास की अधिक यथार्थवादी और अद्यतन तस्वीर प्रस्तुत की जा सकेगी, खासकर महामारी के बाद के औद्योगिक बदलावों के संदर्भ में।
2. फैक्टरी प्रतिस्थापन तंत्र
MoSPI एक फैक्टरी सब्स्टीट्यूशन पॉलिसी ला रहा है। इसके तहत:
• जो फैक्टरियाँ लगातार 3 महीनों तक शून्य उत्पादन दिखाती हैं
• डेटा जमा नहीं करतीं
• स्थायी रूप से बंद हो जाती हैं
उन्हें समान उत्पादन वाली सक्रिय इकाइयों से बदला जाएगा।
इस प्रतिस्थापन प्रक्रिया में 12 महीने का ओवरलैपिंग पीरियड रखा जाएगा ताकि डेटा की निरंतरता बनी रहे।
MoSPI के अनुसार, वर्तमान IIP नमूने में लगभग 8.9% फैक्टरियाँ निष्क्रिय या परिवर्तित हो चुकी हैं, जिससे सूचकांक की सटीकता प्रभावित होती है।
3. कार्यप्रणाली और उत्पाद टोकरी (Product Basket) अद्यतन
संशोधित IIP में नई औद्योगिक इकाइयों और नए उत्पादों को शामिल किया जाएगा जैसे:
• LED बल्ब
• इलेक्ट्रिक वाहन (EVs)
• वैक्सीन
साथ ही पुराने और अप्रासंगिक उत्पादों को हटाया जाएगा।
MoSPI डेटा संग्रह और प्रमाणीकरण की कार्यप्रणाली को भी आधुनिक बनाएगा।
स्थिर जीके तथ्य: भारत का विनिर्माण क्षेत्र राष्ट्रीय GDP में लगभग 17% योगदान देता है, इसलिए विश्वसनीय औद्योगिक डेटा आर्थिक नियोजन के लिए आवश्यक है।
हितधारक परामर्श और समयसीमा
MoSPI ने “Substitution of Factories in the Compilation of the Index of Industrial Production” नामक चर्चा पत्र जारी किया है।
इसके लिए सुझाव 25 नवंबर 2025 तक आमंत्रित किए गए हैं।
उद्योग संगठनों, अर्थशास्त्रियों और राज्य सरकारों के विचार इस संशोधन को अंतिम रूप देंगे।
अद्यतन IIP श्रृंखला हितधारक परामर्श और पायलट परीक्षण के बाद जारी की जाएगी।
इससे भारत के औद्योगिक सांख्यिकी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तथा वास्तविक औद्योगिक परिस्थितियों को दर्शाने लायक बनाया जाएगा।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| जिम्मेदार मंत्रालय | सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) |
| संशोधित सूचकांक | औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) |
| वर्तमान आधार वर्ष | 2011-12 |
| प्रस्तावित नया आधार वर्ष | 2022-23 |
| कवर किए जाने वाले क्षेत्र | खनन, विनिर्माण, बिजली |
| निष्क्रिय फैक्टरियों का हिस्सा | लगभग 8.9% |
| सुझाव की अंतिम तिथि | 25 नवंबर 2025 |
| संशोधन का उद्देश्य | कार्यप्रणाली अद्यतन करना और निष्क्रिय इकाइयों को बदलना |
| प्रमुख नई जोड़ियाँ | LED बल्ब, EVs, वैक्सीन |
| महत्व | IIP को GDP और CPI आधार वर्षों के साथ संरेखित करना |





