भारत में उत्सर्जन का परिदृश्य
भारत के अलग-अलग राज्यों में कार्बन उत्सर्जन का वितरण यह दिखाता है कि औद्योगिक वृद्धि, ऊर्जा उपयोग और पर्यावरण कैसे आपस में जुड़े हैं। 2024 में भारत के ऊर्जा-जनित CO₂ उत्सर्जन में ~5.3% वृद्धि दर्ज हुई।
Static GK Fact: 2022 में पावर व हीट उत्पादक ऊर्जा-संबंधित CO₂ उत्सर्जन का लगभग 53% हिस्सेदार रहे।
बड़े, औद्योगिकीकृत और घनी आबादी वाले राज्य—जहाँ कोयला, स्टील-सीमेंट, परिवहन का दबाव अधिक है—स्वाभाविक रूप से अधिक उत्सर्जन करते हैं।
कुछ राज्य अधिक उत्सर्जन क्यों करते हैं
कोयला खदानें, स्टील/सीमेंट जैसे ऊर्जा-गहन उद्योग, और सुदृढ़ ट्रांसपोर्ट नेटवर्क—ये कारक उत्सर्जन बढ़ाते हैं।
Static GK Tip: मैन्युफैक्चरिंग और नॉन-मेटैलिक मिनरल्स (मुख्यतः स्टील व सीमेंट) मिलकर भारत के औद्योगिक CO₂ का ~70% उत्पन्न करते हैं।
2025 के लिए संभावित टॉप-10 राज्य (रुझान-आधारित, संकेतिक)
- गुजरात (~14%) — बड़ा विनिर्माण, गैस उपयोग, साथ ही बड़ी सौर क्षमता
- ओडिशा (~13%) — प्रमुख कोयला-स्टील केंद्र
- छत्तीसगढ़ (~10%) — कोयला व धातु उत्पादन हब
- झारखंड (~9%) — कोयला व स्टील में प्रमुख
- कर्नाटक (~8%) — व्यापक उद्योग, परिवहन उत्सर्जन बढ़ता हुआ
- महाराष्ट्र (~8%) — रसायन, वाहन व शहरी ऊर्जा माँग
- आंध्र प्रदेश (~7%) — सीमेंट व पावर प्लांट क्लस्टर
- राजस्थान (~5%) — खनिज उद्योग, तेज़ी से बढ़ती नवीकरणीय क्षमता
- पश्चिम बंगाल (~5%) — औद्योगिक व कोयला उपयोग
- तमिलनाडु (~4%) — बड़ा विनिर्माण आउटपुट, साथ ही स्वच्छ ऊर्जा पर जोर
उपर्युक्त दस राज्यों का सम्मिलित हिस्सा भारत के औद्योगिक उत्सर्जन का लगभग 80% आंका जाता है (संकेतक/विशेषज्ञ-आधारित अनुमान)।
स्वच्छ वृद्धि के लिए उठाए जा रहे कदम
मध्य-2025 तक भारत ने ~252 GW गैर-जीवाश्म क्षमता हासिल कर ली; लक्ष्य 2030 तक 500 GW।
Static GK Fact: भारत की NDC प्रतिज्ञा—2030 तक स्थापित कुल क्षमता का 50% गैर-जीवाश्म स्रोतों से।
गुजरात, राजस्थान, आंध्र प्रदेश सौर-पवन में अग्रणी; तमिलनाडु पवन व ग्रीन-हाइड्रोजन पर विस्तार कर रहा है।
आगे की राह
नवीकरणीय ऊर्जा, ई-मॉबिलिटी और ग्रीन इंडस्ट्रियल प्रैक्टिसेस से डी-कार्बनाइज़ेशन तेज़ हो रहा है, पर ऊर्जा माँग व शहरीकरण के साथ विकास-स्थिरता संतुलन सबसे बड़ी चुनौती बना रहेगा।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय (Topic) | विवरण (Detail) |
| शीर्ष उत्सर्जक राज्य | गुजरात (~14%) |
| दूसरा सबसे बड़ा | ओडिशा (~13%) |
| टॉप-10 का संयुक्त हिस्सा | कुल औद्योगिक उत्सर्जन का ~80% |
| मुख्य स्रोत | कोयला आधारित बिजली, परिवहन, विनिर्माण |
| भारत की गैर-जीवाश्म क्षमता (2025) | ~252 GW |
| 2030 लक्ष्य | 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता |
| प्रमुख नवीकरणीय राज्य | गुजरात, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु |
| ऊर्जा क्षेत्र का CO₂ में हिस्सा | ~53% (ऊर्जा-जनित) |
| औद्योगिक क्षेत्र का प्रमुख योगदान | स्टील-सीमेंट से ~70% औद्योगिक CO₂ |
| NDC लक्ष्य | 2030 तक कुल स्थापित क्षमता का 50% गैर-जीवाश्म स्रोतों से |





