स्वच्छ हवा की ओर कदम
दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सर्दियों के दौरान होने वाली गिरावट से निपटने के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकारी और दिल्ली नगर निगम (MCD) कार्यालयों के लिए चरणबद्ध कार्य समय (Staggered Working Hours) लागू करने की घोषणा की है।
यह व्यवस्था 15 नवंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी — वही अवधि जब दिल्ली की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रहती है।
इस निर्णय का उद्देश्य वाहन जाम और उत्सर्जन को कम करना है, ताकि पीक ऑवर्स में यातायात का दबाव समान रूप से विभाजित हो सके।
यह दिल्ली प्रशासन द्वारा उठाए गए सबसे व्यावहारिक और अल्पकालिक प्रदूषण नियंत्रण उपायों में से एक माना जा रहा है।
सरकारी कार्यालयों के संशोधित समय
नई व्यवस्था के तहत:
- दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक,
- जबकि एमसीडी कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक संचालित होंगे।
पहले दोनों के कार्य समय में केवल आधे घंटे का अंतर था, जिससे सुबह और शाम के समय भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती थी।
अब इस समयांतराल को बढ़ाकर सरकार को उम्मीद है कि सड़क पर एक साथ वाहनों की संख्या घटेगी, जिससे ईंधन दहन और प्रदूषण (PM उत्सर्जन) में कमी आएगी।
Static GK Fact: दिल्ली नगर निगम (MCD) भारत की सबसे बड़ी स्थानीय निकाय (Civic Body) है, जो दिल्ली के लगभग 97% भौगोलिक क्षेत्र का प्रबंधन करती है।
प्रदूषण चुनौती की पृष्ठभूमि
यह निर्णय दिल्ली पर्यावरण विभाग की एक रिपोर्ट के बाद लिया गया, जिसमें सर्दियों के महीनों में PM 2.5 और PM 10 स्तरों में खतरनाक वृद्धि की चेतावनी दी गई थी।
- PM 2.5 – 2.5 माइक्रोन से छोटे कण, जो रक्तप्रवाह तक पहुँच सकते हैं।
- PM 10 – बड़े कण, जो श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं।
दोनों ही दिल्ली के वायु प्रदूषण के प्रमुख घटक हैं और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस तथा हृदय रोगों से जुड़े हैं।
Static GK Tip: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, PM 2.5 का वार्षिक औसत स्तर 5 µg/m³ से अधिक नहीं होना चाहिए, जबकि दिल्ली में सर्दियों में यह स्तर 10 गुना अधिक पाया जाता है।
दिल्ली की हवा खराब करने वाले प्रमुख कारण
हर वर्ष सर्दियों में कई प्राकृतिक और मानवजनित (Anthropogenic) कारण प्रदूषण को बढ़ाते हैं —
• पंजाब और हरियाणा में पराली जलाना, जिससे घना धुआँ दिल्ली तक पहुँचता है।
• कम हवा की गति, जिससे प्रदूषक फैल नहीं पाते।
• तापमान उलटाव (Temperature Inversion), जिससे प्रदूषक ज़मीन के पास फँस जाते हैं।
• वाहनों और घरेलू ईंधन उपयोग से बढ़ता उत्सर्जन।
इन कारणों से दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) “बहुत खराब (Very Poor)” से “गंभीर (Severe)” स्तर तक पहुँच जाता है, जिसके चलते स्कूल बंदी, ऑड-ईवन नियम और अन्य आपातकालीन कदम उठाने पड़ते हैं।
Static GK Fact: AQI प्रणाली को भारत में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने 2014 में शुरू किया था, ताकि पूरे देश में वायु गुणवत्ता की निगरानी का मानक तय किया जा सके।
व्यापक पर्यावरणीय रणनीति
चरणबद्ध कार्य समय नीति, दिल्ली में पहले से चल रहे अन्य प्रदूषण-नियंत्रण अभियानों को पूरक करेगी —
• निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण अभियान,
• सड़क सफाई और पानी के छिड़काव की व्यवस्था,
• सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग को बढ़ावा,
• त्योहारों के दौरान पटाखों पर प्रतिबंध।
अधिकारियों का मानना है कि इस नीति से वाहन उत्सर्जन में कमी, दृश्यता में सुधार, और शहरी उत्पादकता — तीनों में सुधार होगा।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय (Topic) | विवरण (Detail) |
| घोषणा करने वाली | दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता |
| लागू अवधि | 15 नवंबर 2025 – 15 फरवरी 2026 |
| दिल्ली सरकार कार्यालय समय | सुबह 10:00 बजे – शाम 6:30 बजे |
| एमसीडी कार्यालय समय | सुबह 8:30 बजे – शाम 5:00 बजे |
| लक्षित प्रमुख प्रदूषक | PM 2.5 और PM 10 |
| क्रियान्वयन विभाग | दिल्ली पर्यावरण विभाग |
| प्रमुख कारण | वाहन उत्सर्जन (Vehicular Emissions) |
| सहायक उपाय | धूल नियंत्रण, सार्वजनिक परिवहन, पटाखा प्रतिबंध |
| AQI लागू करने वाली संस्था | केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), 2014 |
| WHO सुरक्षित PM 2.5 सीमा | 5 µg/m³ वार्षिक औसत |





