स्वदेशी 4G की तैनाती
भारत ने BSNL द्वारा तैनात और C-DOT, टेजस तथा TCS के सहयोग से विकसित पहला पूर्णत: स्वदेशी 4G नेटवर्क लॉन्च कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह नेटवर्क 5G-रेडी है, जिससे अगली पीढ़ी की मोबाइल तकनीकों में सुचारु रूप से परिवर्तन संभव होगा।
स्थिर जीके तथ्य: भारत उन चुनिंदा पाँच देशों में शामिल हो गया है जो पूर्णत: स्वदेशी 4G सेवाएँ शुरू करने में सक्षम हैं।
यह तैनाती भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को मज़बूत करती है, जिससे दूरसंचार अवसंरचना पर नियंत्रण सुनिश्चित होता है और विदेशी विक्रेताओं पर निर्भरता घटती है। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता भी मजबूत होती है।
क्लाउड-नेटिव आर्किटेक्चर
यह नेटवर्क क्लाउड-नेटिव आर्किटेक्चर पर आधारित है, जो तेज अपग्रेड, स्केलेबल इन्फ्रास्ट्रक्चर और 5G में आसान माइग्रेशन की सुविधा देता है। यह भविष्य के लिए फ्यूचर-प्रूफ डिजिटल अवसंरचना प्रदान करता है और उभरती प्रौद्योगिकियों को आसानी से जोड़ने में सक्षम है।
डिजिटल पहुँच में वृद्धि
इस नेटवर्क का उद्देश्य विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों, दूरस्थ गाँवों और पहाड़ी इलाकों में डिजिटल पहुँच को बेहतर बनाना है। गुणवत्तापूर्ण डिजिटल सेवाएँ प्रदान कर यह कनेक्टिविटी की खाई को कम करेगा और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।
स्थिर जीके टिप: BSNL, भारत की राज्य-स्वामित्व वाली टेलीकॉम कंपनी, की स्थापना 2000 में हुई थी और यह देशभर में डिजिटल समावेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सप्लाई चेन विकास
स्वदेशी निर्माण और तैनाती प्रयासों से सप्लाई चेन विकास को प्रोत्साहन मिल रहा है। यह पहल रोज़गार सृजन, घरेलू आपूर्तिकर्ता पारिस्थितिकी तंत्र की मज़बूती और दूरसंचार क्षेत्र में कुशल कार्यबल तैयार करने में मदद कर रही है।
तकनीकी क्षमता और वैश्विक स्थान
इस उपलब्धि से भारत ने दूरसंचार नवाचार में अपनी उन्नत तकनीकी क्षमता प्रदर्शित की है। स्वदेशी 4G स्टैक भारत को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाता है, क्योंकि यह घरेलू नेटवर्क समाधान विकसित और लागू करने में सक्षम है।
भारत में 5G और 6G
भारत ने 2022 में 5G लॉन्च किया, जो अब सभी राज्यों और अधिकांश जिलों में उपलब्ध है। सरकार अब 2030 तक 6G की तैयारी कर रही है, जिसके लिए भारत 6G विज़न, शैक्षणिक संस्थानों में 100 5G प्रयोगशालाएँ और भारत 6G एलायंस जैसी पहलें चल रही हैं।
स्थिर जीके तथ्य: भारत दक्षिण एशिया का पहला देश है जिसने राष्ट्रीय स्तर पर 5G लागू किया और वर्तमान में 6G तकनीक के विकास पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
भविष्य का प्रभाव
पूर्णत: स्वदेशी 4G नेटवर्क की तैनाती से भारत को भविष्य के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और IoT अनुप्रयोगों के लिए मजबूत आधार मिलेगा। यह पहल भारत की आत्मनिर्भरता और तकनीकी नेतृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत है।
स्थिर उस्तादियन करेंट अफेयर्स तालिका
| विषय | विवरण |
| स्वदेशी 4G लॉन्च | BSNL द्वारा तैनात, C-DOT, टेजस और TCS द्वारा विकसित |
| 5G-रेडी | मौजूदा और भविष्य की 5G तकनीक के साथ संगत |
| रणनीतिक स्वायत्तता | विदेशी विक्रेताओं पर निर्भरता कम, राष्ट्रीय सुरक्षा मज़बूत |
| क्लाउड-नेटिव | तेज अपग्रेड, स्केलेबिलिटी और 5G माइग्रेशन का समर्थन |
| डिजिटल पहुँच | जनजातीय, दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों को लाभ |
| सप्लाई चेन | स्थानीय निर्माण, रोजगार और कुशल कार्यबल में वृद्धि |
| वैश्विक क्षमता | स्वदेशी 4G तकनीक वाले पाँच देशों में भारत शामिल |
| 5G स्थिति | 2022 में लॉन्च, देशभर में उपलब्ध |
| 6G विकास | 2030 तक अपेक्षित, भारत 6G विज़न और प्रयोगशालाओं द्वारा समर्थित |
| भविष्य का प्रभाव | डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, IoT और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स को मज़बूती |





