महाराष्ट्र में GBS मामलों में अचानक वृद्धि ने स्वास्थ्य सतर्कता बढ़ाई
पुणे में गिलियन–बैरे सिंड्रोम (GBS) के 59 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से 12 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। यह वृद्धि स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बन गई है क्योंकि GBS एक सामान्य प्रकोप वाला रोग नहीं है। महाराष्ट्र सरकार ने इस घटनाक्रम की गंभीरता से निगरानी शुरू कर दी है और इसके पीछे के संभावित कारकों की जांच की जा रही है।
गिलियन-बैरे सिंड्रोम क्या है?
GBS एक दुर्लभ ऑटोइम्यून न्यूरोलॉजिकल रोग है जिसमें प्रतिरक्षा तंत्र गलती से पेरिफेरल नर्वस सिस्टम पर हमला करता है। यह बीमारी झुनझुनी, सुन्नता और बढ़ती कमजोरी से शुरू होती है जो नीचे से ऊपर की ओर शरीर में फैलती है। गंभीर मामलों में यह लकवा और सांस लेने में परेशानी का कारण बन सकता है। अधिकतर मामलों में रोग के लक्षण संक्रमण के बाद दिखाई देते हैं।
GBS के प्रकार: यह एक ही रोग नहीं है
GBS कई प्रकार का होता है:
- AIDP (Acute Inflammatory Demyelinating Polyradiculoneuropathy) – सबसे सामान्य प्रकार, विशेषकर यूरोप-अमेरिका में
- MFS (Miller Fisher Syndrome) – आंखों की कमजोरी और चेहरे की मांसपेशियों को प्रभावित करता है
- AMAN (Acute Motor Axonal Neuropathy) – मुख्यतः एशिया में पाया जाता है, विशेषकर चीन और जापान में
किन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए
GBS के प्रारंभिक संकेत हैं:
- पैरों में झुनझुनी और कमजोरी, जो धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ती है
- हाथों, चेहरे और बोलने–निगलने की क्षमता में दिक्कत
- गंभीर स्थिति में तेज़ हृदय गति, दृष्टि धुंधलापन, मूत्र नियंत्रण में कमी
संक्रमण: प्रमुख कारणों में से एक
GBS अक्सर COVID-19, ज़ीका वायरस, फूड पॉइज़निंग या सांस की बीमारी जैसे संक्रमणों के बाद देखा गया है। यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, लेकिन बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों में इसकी संभावना अधिक होती है।
इलाज और पुनर्प्राप्ति की संभावना
GBS का कोई पूर्ण इलाज नहीं है, लेकिन समय पर पहचान और उपचार से रोग को नियंत्रित और ठीक किया जा सकता है। मुख्य उपचार हैं:
- IVIG (इंट्रावेनस इम्यूनोग्लोब्युलिन)
- प्लाज्माफेरेसिस
इन उपचारों से इम्यून सिस्टम की आक्रामक प्रतिक्रिया को कम किया जाता है। अधिकांश मरीज हफ्तों या महीनों में पूरी तरह ठीक हो सकते हैं।
पुणे में सार्वजनिक स्वास्थ्य की कार्रवाई
पुणे के स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को सतर्क किया है और GBS के संदिग्ध मामलों की रिपोर्टिंग शुरू कर दी गई है। जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं ताकि लोग लक्षणों की पहचान कर समय पर इलाज ले सकें, जिससे जटिलताओं से बचाव किया जा सके।
Static GK Snapshot (स्थैतिक सामान्य ज्ञान)
श्रेणी | विवरण |
रोग का नाम | गिलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS) |
मुख्य स्थान | पुणे, महाराष्ट्र |
GBS के प्रकार | AIDP, MFS, AMAN |
संबंधित संक्रमण | COVID-19, ज़ीका वायरस, श्वसन व जठरांत्र संक्रमण |
उपचार विधियाँ | IVIG (इंट्रावेनस इम्यूनोग्लोब्युलिन), प्लाज्माफेरेसिस |